।। 2 lines shayari ।। जुदाई शायरी।। viral Shayari. ।।

चित्र
तेरे स्पर्श से ही तुझ में समा जाती हू..........।। कौन हू....? क्या हू...? सब कुछ भूल जाती हूँ.. ।।

कुछ राज

कभी बहती है कभी चुप रहती है

ये आंखे मेरी लबालब रहती है 

ज़माने को दिखान समेटे मुस्कान फरेबी 

मेरी जिन्दगी तन्हाई में जलती रहती है 

एक औरत के लिए क्या जीना क्या मरण

हर परिस्तिथी मे कोई ना कोई चिंता रहती है 

आज के दौर में कितने उलाहने दिए जाते हैं 

फरेब के बादल बे वज़ह बरसा दिए जाते हैं 

पर क्यूँ एक मुस्कान की ख्वाहिश कोई गुनाह तो नहीं 

क्यूँ नहीं लिखी है ऊपर वाले ने हर स्त्री के जीवन में खुशी 

बे जान बंजर से समझ ली है दुनिया वालों ने बस मुरत कोई 

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