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।। दर्द शायरी।।. ।। प्यार की मिलन शायरी।। ।।दिल छू लेने वाली शायरी।।

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जग क्या जाने की राधा ने क्या क्या खोया......  कहि कोने में कान्हा का दिल भी रोया..... ।। हुवे नही एक दूजे के फिर भी.....  दोनो की प्रीत है.... । कृष्ण को राधा मिले नही... यही जमाने की रीत है....।। बखूबी देखे हैं मैंने मोहब्बत के वादे करते.......  जो थे कल किसी के जो हो रहे हैं आज किसी के..... ।। !! सुनों  !! दूर रहकर भी हमसे वो_________गुनाह हो गया..! !! तुमसे मिले बिना ही इश़्क________बेपनाह हो गया...! तुम्हें लिखना भी तो तुम्हें पाना है.....  तुम जैसे हो काग़ज़ को बस वही बताना है,,,,... ।। मेरी चाहतें तुमसे अलग कब है....  दिल की बातें तुम से छुपी कब है.... ।। तुम साथ रहो दिल मे धडकन की जगह.....  फिर ज़िन्दगी को साँसों की ज़रूरत कब है..... ।। अपनी तनहाई तेरे नाम पे आबाद करें........। कौन होगा जो तुझे मेरी तरह याद करे........।। रब ने भी मेरे साथ गलत कर दिया.... । लिखना था प्रेम और प्रतिक्षा लिख दिया..।। शाम बीत गई हमारी सहर नही होती..... । जी रहे या मर गए उन...

कुछ ख्वाब अधूरे से || हिन्दी शायरी || दर्द भरी शायरी ||

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 कुछ ख्वाब बस रह जाते हैं अधूरे...  हाथो में हाथ और तेरा साथ... वो बरसात जो कभी खत्म न होने वाले रास्ते..... काश ये बन जाते हक़ीक़त वाले फसाने.... कुछ ख्वाब बस रह जाते हैं अधूरे.... हाले दिल ना कोई कहानी है..... ना कोई दास्तान है.......  थोड़ा गम है.... थोड़ा उदास है..... दिल में एक घाव है..... भूल गया वो शख्स.... थोड़े ही दिनों में...  बस उसी की ये मेहरबानी है.. || हया नहीं आँखों में तेरी ज़माने की.......  ख़ुदा करे कि  हमेशा बे दाग रहे जिंदगानी तेरी........ ।।  फिर हज़ारों वादे किए जाएंगे मोहब्बत के नाम पर.. फिर लोग छले जाएंगे.. मोहब्बत के नाम पर.. तुम झूठ पर एतबार ना करना.. तुम झूठों से सच्चा प्यार ना करना... ।।  वफ़ा की उम्मीद रख कर बेवफ़ा से मत मिलना..  तुम दिल लेकर दिमाग वालों से मत मिलना.....  वफ़ा का मसला है जनाब वर्ना..  इश्क बुरा तो नहीं है ना..  क्या पता वफादार मिले ना मिले..  बस यही सोच कर हमने खालीपन चुना है..।।  कुछ इस तरह से जिंदगी में कमियां है...  तू नहीं तो बस आँखों मैं नमिया हैं...  बदल रह...

अपनों से खाए है ज़ख्म l हिन्दी शायरी l खास शायरी

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 अपनों से खाए है ज़ख्म  अपनों से खाए है ज़ख्म ज़रा सुस्ताने बैठे हैं, हौसले को देख रहे हैं फिर से उस पार जाने बैठे हैं  लगता है कोई दुश्मन खुदा का अजीज हो गया है  गम पुराने भी होकर तैयार फिर आने बैठे हैं क्या करे समझ नहीं आता अब तो हमे  गिराने को हमे अब तो ज़माने बैठे है  किसको सुनाए दर्द अपना हम छोड़ दी उम्मीद अब  हर कोई ओढ के मुखौटे सभी सताने बैठे हैं बारिशों से जो बचाया करते थे हमको  वो मकान भी अब तो गिर जाने बैठे हैं इश्क कोई खिलौना नहीं  इश्क़ कोई खिलौना है खेला और छोड़ दिया  किसी गैर ने कहा गलत तो उसने अपने को छोड़ दिया  हर चीज़ उसके मुताबिक चली राहो पर सफ़र मैं फिर  भी उसने निकाला नुक़्स और सारे सपने को छोड़ दिया  Hindi Shayari l sad शायरी ll  आग दिल में  आग दिल में लगी ज़रा उसके बदल जाने से  मकां गिर गया हमारा आँधी तेज आने से  उसकी खुसी के लिए हमने छोड़ दी हर ख्वाहिश  चार कदम चला और बदल गया किसी के आने से  किसको दोष दे हम अपनी बर्बादी का किससे गिला करे  आँखों को दिखा नहीं यकीन की...

धडकन शायरी l latest खास शायरी इन हिन्दी l हिन्दी शायरी

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तुम्हारी धडकन   तुम्हारी धड़कन मैं जो करती हैं शोर  जिसकी वज़ह से तुम्हें भाता ना कोई और  वो मैं हूँ  जब कभी तन्हाई में बैठो  बस एक ख्याल मैं खो जाओ  तुम्हारी आँखों की चमक  वो खयाल मैं हूँ  दिन की शुरूवात हो जाती है मगर  तुम्हारे जीवन की चाय मैं हूँ  बिना गुफ़्तगू के एक पल ना गुज़रे  तुम्हारे जीवन का आधार बैचेनी  मैं हूँ  बस मैं ही रहूं तुम्हारे आस पास यही दुआ करते हो  तुम्हारी दुआ मे बसर करने वाली मैं हूँ  जब कभी बिछड़ जाने का ख्याल आए तुम्हारी सोच मैं जो आती है मौत और आँखों का अश्क मैं हूँ तुम मैं हूँ मुझमें मैं हूँ मैं खुद से तुम से कहा पृथक हूं दिल तुम्हारा है तो धडकन मे रहने वाली मैं हूँ तुम जहा  तुम जहा जाओगे मुझे ही पाओगे  मेरे बिना तुम खुद अकेले में पछताओगे हर रोज की नोक झोक और गुस्सा  पर याद करोगे जब तो मुस्कराओगे कहते हो कि चले जाओगे दूर मुझसे  ज़रा सा ख्याल लाओ गे तो घबराओगे  हमारे बिना तो धडकन भी रहने नहीं देगी  ज़रा सा मायूस हुए तो हमारे पास आओगे  हिन्दी शायरी ...

दर्द की कुछ ग़ज़ल l दर्द शायरी हिन्दी l

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 जब दर्द लिखा हो l दर्द शायरी हिन्दी  जब दर्द लिखा हो किस्मत में तो गिला क्या करे हर कदम पर कोई अपना समझे गलत तो भला क्या करे चाहत को जब मिल जाए हवस का खिताब इश्क में अफसोस करें या मायूस हों और भला क्या करे ज़माने की रीति देख मन में बैठ गया उसके अक्स कोई चेहरा जब ज़माने का हो तो आईना भला क्या करे उसके मांग का सिंदूर ना बन सके ना बन सके हक़ीक़त मे हमदर्द जब वो खुद दूर जाना चाहें तो भला क्या करे उसकी एक मुस्कराहट से दिन निकला करते थे खुशियो के उसके लहजे में गुस्सा ज्यादा हो जाए तो भला क्या करे  उसका कहना है कि कोई किसी का नहीं होता है सब मतलबी, उसकी नजर सब को एक देखे तो भला क्या करे उसकी उदासियों के लश्कर मर जाए काश खुशियो से जंग मैं, हम उसके कंधों पर बोझ है तो भला क्या करे जो भी हो अंजाम कल का पता नहीं बिछड़ जाना हैं शायद अश्कों को बहाए या खुद को खत्म करे और भला क्या करे हादसों की शिकार  हर हद टूट गई जिंदगी हादसों का शिकार हो गयी हमारी मोहब्बत ज़माने की हवा से बीमार हो गयी लूट रहे हैं लोग यक़ीन के गांव अपनी मर्जी से हर और वफा भी आज के दौर में जैसे बेवफाई का कारोबार हो...

ज़माना क्या कहेगा l हिन्दी शायरी

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 ज़माना क्या कहेगा? बिछड़ जाते हैं रिश्ते बस यही एक कारण होता है एक सच्चा हमदर्द साथ है तो ज़माना क्या कहेगा ज़माने की रीति रिवाज से चलते हैं कदम जिनके वो मर जाते हैं तिल तिल इंतजार मे ज़माना क्या कहेगा ज़माने को रास नहीं आती है खुशियां किसी की आजकल फिर भी आदर्श जिनके जिंदा है सोचता है ज़माना क्या कहेगा उसने भगवान को भी छोड़ा नहीं भगवान को भी दोष दिया एक रंग रूप वाले मनुष्य को बांट दिया फिर भी परवाह है ज़माना क्या कहेगा तेरे अश्कों को दूर करने के लिए कोई हमदर्द नहीं आयेगा  तु उसे मत खोना जो तेरा है सिर्फ इसलिए कि ज़माना क्या कहेगा  क्या लाए हैं  क्या लाए हैं और क्या लेकर जाएंगे  मिट्टी से बने मिट्टी मे एक दिन मिल जाएंगे  रास्ते अभी तो इधर उधर भागते हैं मंजिल के  अंत मे बस श्मशान के रास्ते पर मिल जाएंगे कोई अच्छा कहेगा कोई खुश होगा जाने से  जो बचे होंगे इल्जाम अंत मे और मिल जाएंगे  मेरा तेरा नाता सब मुह फ़ेर लेंगे एक दिन सच है  कुछ ताने तुझे अपनों से भी और मिल जाएंगे  ये उम्मीद ये जिम्मेदारी ये कंधों का बोझ हल्का होगा  ज़रा सी ब...