।। 2 lines shayari ।। जुदाई शायरी।। viral Shayari. ।।
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जब दर्द लिखा हो किस्मत में तो गिला क्या करे
हर कदम पर कोई अपना समझे गलत तो भला क्या करे
चाहत को जब मिल जाए हवस का खिताब इश्क में
अफसोस करें या मायूस हों और भला क्या करे
ज़माने की रीति देख मन में बैठ गया उसके अक्स कोई
चेहरा जब ज़माने का हो तो आईना भला क्या करे
उसके मांग का सिंदूर ना बन सके ना बन सके हक़ीक़त मे
हमदर्द जब वो खुद दूर जाना चाहें तो भला क्या करे
उसकी एक मुस्कराहट से दिन निकला करते थे खुशियो के
उसके लहजे में गुस्सा ज्यादा हो जाए तो भला क्या करे
उसका कहना है कि कोई किसी का नहीं होता है सब मतलबी, उसकी नजर सब को एक देखे तो भला क्या करे
उसकी उदासियों के लश्कर मर जाए काश खुशियो से जंग मैं, हम उसके कंधों पर बोझ है तो भला क्या करे
जो भी हो अंजाम कल का पता नहीं बिछड़ जाना हैं शायद
अश्कों को बहाए या खुद को खत्म करे और भला क्या करे
हर हद टूट गई जिंदगी हादसों का शिकार हो गयी
हमारी मोहब्बत ज़माने की हवा से बीमार हो गयी
लूट रहे हैं लोग यक़ीन के गांव अपनी मर्जी से हर और
वफा भी आज के दौर में जैसे बेवफाई का कारोबार हो गयी
यकीन दिलाते अपनी मासूमियत का उसे भी अगर वो सुनता, उसकी जाने की राह बिना सुने तैयार हो गयी
उसके अश्क बहुत बहे थे कोई खुसी उसके हिस्से नहीं थी
उसकी आंखे पत्थर हुई कोई हथियार हो गयी
उसके चेहरे के नूर को लूट लिया किस्मत की मार ने
उसने तोड़ लिया नाता और उस पार हो गयी
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दर्द शायरी
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आज के दौर में कोई सच्ची चाहत नहीं करता
सब जिस्म पर मर रहे सच्ची कोई चाहत नहीं करता
एक फूल से मन भरा तो दूसरे को अपना लिया जाकर
कोई एक का नहीं होता पाकीजा अपनी आदत नहीं करता
जाने क्यूँ ज़रा सी गलत फहमी मे दूर हो जाते हैं रिश्ते अपनों से, क्यूँ बन साया कोई धूप में हिफाजत नहीं करता
लोग क्या कहेंगे बस एक डर से घुट जाता है दम उसका
वो परिंदा क्यूँ पुरानी जंजीरों से कोई बगावत नहीं करता
साज़िश और बद्दुआ का असर जल्दी करता है आजकल
खुसी के ठिकाने मिल जाए ऐसी कोई खुदा इनायत नहीं करता
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