।। 2 lines shayari ।। जुदाई शायरी।। viral Shayari. ।।

चित्र
तेरे स्पर्श से ही तुझ में समा जाती हू..........।। कौन हू....? क्या हू...? सब कुछ भूल जाती हूँ.. ।।

Love ehsas Shayari

 एहसास को खत्म होते देखा है 

ये सपना सा मगर लगता नहीं है।


पहले बेपनाह था सबकुछ 

अब बूंद भर समन्दर बचता नहीं है।


किसको दोष दे इस हक़ीक़त का 

कोई किसी के लिए रुकता नहीं है। 


अपने पेट को काटकर रोशन किया घर 

त्याग मगर किसी को आज दिखता नहीं है।


अफसोस करते या जी लेते हाल के साथ 

मन तो साथ है दिल ही मानता नहीं है।


बड़ी आफत होती है अब तो समझाने मे 

अदालत है ये और सबूत भी पुख़्ता नहीं है।


इश्क के अंत में यही मुकाम आता है शायद 

दर्द ही दर्द है और कुछ बचता नहीं है।




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