।। 2 lines shayari ।। जुदाई शायरी।। viral Shayari. ।।

चित्र
तेरे स्पर्श से ही तुझ में समा जाती हू..........।। कौन हू....? क्या हू...? सब कुछ भूल जाती हूँ.. ।।

सितम

 सितम हर एक दिल पर खाए है

हम फिर भी महफिल में हंस के आए हैं


लोग देते रहे मिसाल हमारी सबके सामने

उन्हें क्या पता कि किस हद से गुजर के आये हैं


खून के छींटे पैरों के चौखट लाल ना करते तो

पता ही नहीं चलता कि हम कांटों पर चलकर आ गए


कैसी है ये जिन्दगी जो सिर्फ वियोग में बीती है हमारी

कहने को तो हम खुदा के घर से भी होकर आ गए


किसको क्या मिला ये तो मुकद्दर की बात है नसीब की बात है, हम अपनी तक़दीर के हिस्से का सबकुछ गंवा कर आ गए


कोई क्या जी पाएगा हमारी तरह जिंदगी ज़माने में 

हम तो वहां से लौट कर आए जहां पर लोग मरकर आ गए 



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