।। 2 lines shayari ।। जुदाई शायरी।। viral Shayari. ।।

चित्र
तेरे स्पर्श से ही तुझ में समा जाती हू..........।। कौन हू....? क्या हू...? सब कुछ भूल जाती हूँ.. ।।

हाँ मैं लिखती हूँ

 हाँ मैं लिखती हूँ ..कविता 


खोकर तुम्हारे ख्याल में लिखती हूँ ..

मन में व्याप्त है सवाल कई जवाब के लिए लिखती हूँ ..


नहीं पता है कि किसे कहते हैं इश्क 

मैं तो बस तेरी बाते और तेरे लिए लिखती हूँ ..


ढूँढती हूँ शब्दो में प्यार तुम्हारे 

मर्यादा से लिपटे हुए शब्द छू लेते हैं मन 

दूर हो जाते हैं शब्द से अंधकार हमारे 

लेकर प्रेरणा तुमसे तुम्हारे खातिर लिखती हूँ ...


नहीं है समझ मुझमें इतनी जो माहिर हो जाऊँ

सीख कर तुमसे बाते सारी फिर गीत कोई लिखती हूँ


जैसे किसी पत्ते पर ओस लगती है कंचन सी धूप में

हाँ मैं तुम्हें उस बूंद मे निहित सात रंग लिखती हूँ


अधरों पर मौन लिए अक्सर घूमती रहती हूँ

तुम पडते हो मुझे गौर से इसलिए शिकायत लिखती हूँ


तुमने दी है वज़ह लबों पर मुस्कान की मुझे पिया

मैं तुम्हें इसलिए अक्सर अपनी पहचान लिखती हूँ

Khas shayri, ishk shayri, love

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