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तेरे स्पर्श से ही तुझ में समा जाती हू..........।। कौन हू....? क्या हू...? सब कुछ भूल जाती हूँ.. ।।

This Is Why This Year Will Be The Year Of हरिद्वार कुंभ मेला 2021 /Haridwar Kumbh Mela 2021 Starting Date.

  हरिद्वार कुम्भ मेला /हर पाप को हरने वाला मनोकामना पूर्ण करने वाला   2021 /11 मार्च से 27 अप्रैल   

 


 Kumbh 2021 dates/Haridwar Kumbh Mela 2021 starting date

 शाही स्नान डेट  - गुरुवार, 11 मार्च 2021 महाशिवरात्रि,  सोमवार, 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या,  बुधवार, 14 अप्रैल मेष संक्रांति और वैशाखी,  मंगलवार, 27 अप्रैल चैत्र माह की पूर्णिमा।  

प्रमुख स्नान दिनांक - गुरुवार, 14 जनवरी 2021 मकर संक्रांति,  गुरुवार, 11 फरवरी मौनी अमावस्या,  मंगलवार, 16 फरवरी ,  शनिवार, 27 फरवरी माघ पूर्णिमा,  मंगलवार, 13 अप्रैल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा  बुधवार, 21 अप्रैल राम नवमी  

 

हरिद्वार में इस बार जो लग रहा है वो पूर्णकुंभ है  इस बार लगने वाला महाकुंभ नहीं है , अगर आप इसके प्रकार को नहीं जानते हैं तो आइये जानते हैं कुंभ के प्रकार   आप ये जानते हैं हरिद्वार में हर बार 12 साल बाद कुंभ का मेला लगता है परंतु  इस बार यह मेला 11 साल बाद ही लगने जा रहा है क्यूंकि आयोजित होने का मुख्य कारण है क्योंकि साल 2022 में बृहस्पति कुंभ राशि में नहीं रहेंगे,तो इस मेले का आयोजन 12 साल के अपेक्षा 11 साल मे किया जा रहा है इस बार यानी 2021 में यह योग पड़ रहा है। यही कारण है कि निर्धारित अवधि से 1साल पहले ही यह कुंभ शुरू होने  जा रहा है।  मान्यता अनुसार ऐसा भी कहा जाता है कि मेष राशि में सूर्य और कुंभ राशि में बृहस्पति के आगमन पर महाकुंभ होता है। परंतु फिलहाल कालांतार से महाकुंभ की धारणा कुछ ओर भी रही है इस विषय मैं हम आपको विस्तार से बतायेंगे   

 आयोजन 🕉️

 कुंभ मेले का आयोजन समान्य तौर पर इन नगरों में होता है:- हरिद्वार, प्रयाग, नासिक और उज्जैन। ये चारो कुंभ मेले के आयोजन के मुख्य स्थान हैं    नासिक और उज्जैन के कुंभ को सामान्य रूप से  सिंहस्थ कहा जाता है और इसके बदले अन्य नगरों में कुंभ, अर्धकुंभ और महाकुंभ कहा जाता है हर जगह पर इसकी महिमा और स्वरुप भिन्न है l

  

कुम्भ क्या है?   

सभी को एक जिज्ञासा रहती है कि आखिर कुम्भ क्या है तो आइये आपकी जिज्ञासा शांत करते हैं   कुंभ का अर्थ होता है घड़ा या कलश।  प्रत्येक तीन साल में महाकाल की नगरी उज्जैन को छोड़कर अन्य स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है और लाखो श्रद्धालू अपनी मन्नत को पूर्ण करते हैं l 

  अर्धकुंभ क्या है? 

कुंभ के बाद आता है अर्द्ध कुंभ  अर्ध का अर्थ है आधा या हिस्से का दूसरा भाग । हरिद्वार और प्रयाग में दो कुंभ आयोजन के मध्य हर छह वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ मेले का आयोजन किया जाता है   पूर्णकुंभ क्या है? जब बारह साल का अन्तराल पूर्ण होता है तब   प्रत्येक 12 वर्ष में पूर्णकुंभ का आयोजन किया जाता है। मगर ये हिन्दू पंचांग के अनुसार चलता है हिंदू पंचांग के अनुसार देवताओं के बारह दिन और मनुष्यों के बारह वर्ष माने गए हैं, इसीलिए पूर्णकुंभ का आरंभ/आगाज भी प्रत्येक बारह साल में होता है।  

 महाकुंभ क्या है?  

परम्परा के हिसाब से  प्रयागराज में प्रत्येक 144 वर्षों में महाकुंभ का आगाज होता है। 144 का फैसला ऐसे किया जाता 12 का गुणा 12 में करें तो 144 आता है। दरअसल, कुंभ के प्रकार भी बारह होते हैं जिनमें से चार का आयोजन धरती लोक पर होता है शेष आठ का देवलोक में होता है ऐसा माना जाता है । और इसी मान्यता के अनुसार प्रत्येक 144 वर्ष बाद प्रयागराज में महाकुम्भ मेले का आयोजन होता है जिसका महत्व अन्य कुम्भों की अपेक्षा चौगुना या फिर यूँ कहें कि और बढ़ जाता है।  सन् 2013 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया  अब ये उम्मीद अगला महाकुंभ 138 वर्ष बाद 2150/2151 मैं आएगा सम्भावना के अनुसार

   

सिंहस्थ क्या है?

 

 क्या है इसका मह्त्व?  सामान्य तौर पर सिंहस्थ का संबंध सिंह राशि से है। सिंह राशि में बृहस्पति एवं मेष राशि में सूर्य का प्रवेश होने पर उज्जैन अवंतिका नगरी में में कुंभ मेले का आयोजन होता है। यह योग प्रत्येक 12 वर्ष पश्चात ही आयोजित किया जाता  है। बिल्कुल इसी प्रकार इस तरह का योग नासिक में भी होता है अत: वहां भी सिंहस्थ का आयोजन होता है। दरअसल, उज्जैन में 12 वर्षों के बाद ही सिंहस्थ का आयोजन होता है। 

   सामान्य तौर पर 4 जगह कुम्भ का पर्व आयोजन किया जाता है

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 प्रथम —.हरिद्वार में कुम्भ :- कुम्भ राशि में बृहस्पति का प्रवेश होने पर एवं मेष राशि में सूर्य का प्रवेश होने पर कुम्भ का पर्व हरिद्वार नगर में आयोजित किया जाता है। हरिद्वार और प्रयाग में दो कुंभ पर्वों के बीच छह वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ का आयोजन किया जाता है हर छह साल के अन्तराल में 

 

  द्वितीय ---. प्रयागराज में कुम्भ आयोजन :- मेष राशि के चक्र में बृहस्पति एवं सूर्य और चन्द्र के मकर राशि में प्रवेश करने पर अमावस्या के दिन कुम्भ का पर्व प्रयाग में आयोजित किया जाता है। और एक मान्यता है कि  जब मकर राशि में सूर्य का एवं वृष राशि में बृहस्पति का प्रवेश होनें पर कुम्भ पर्व प्रयाग में आयोजित होता है 

  तृतीय - नासिक में कुम्भ आयोजन :- सिंह राशि में बृहस्पति के प्रवेश होने पर कुम्भ पर्व गोदावरी के तट पर नासिक में प्रारम्भ होता है। अमावस्या के दिन बृहस्पति, सूर्य एवं चन्द्र के कर्क राशि में प्रवेश होने पर भी कुम्भ पर्व गोदावरी तट पर आयोजित होता है। इस कुंभ को सिंहस्थ इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें सिंह राशि में बृहस्पति का प्रवेश होता है। इसका महत्व बहुत बताया है शास्त्र में    

चतुर्थ - . उज्जैन में कुम्भ आयोजन :- सिंह राशि में बृहस्पति एवं मेष राशि में सूर्य का प्रवेश होने पर यह पर्व उज्जैन में शुरू होता है। इसके अलावा कार्तिक अमावस्या के दिन सूर्य और चन्द्र के साथ होने पर एवं बृहस्पति के तुला राशि में प्रवेश होने पर पवित्र कुम्भ उज्जैन में आयोजित होता है।   पुराण की मान्यता के अनुरूप कुम्भ  पौराणिक ग्रंथों पहला नारदीय पुराण (2/66/44),  शिव महापुराण पुराण (1/12/22/-23)  वाराह पुराण(1/71/47/48)   ब्रह्मा पुराण इन सभी मैं    कुम्भ एवं अर्ध कुम्भ के आयोजन को लेकर ज्योतिषीय विश्लेषण उपलब्ध है। आप इसके बारे में यहा विस्तृत रूप से देख सकते हैं इस संदर्भ में 

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   कुंभ मेला इस बार सन 2021 मैं आयोजित होने जा रहा है इस समय परिस्थित हमारे अनुरूप नहीं है जिसके कारण इसमे कुछ विशेष सावधानी को बरतने के निर्देश दिए गए हैं जिसके कारण व्यक्ती की सभी श्रद्धालू की यात्रा सफ़ल और सुखदाई हो और वो परम पावन इस कुंभ का लाभ ले कर महादेव की विशेष कृपा का आलिंगन करे   

Kumbh Mela 2021 - अगर आप भी इस बार अपने परिवार या अन्य किसी के साथ कुंभ नहाने जा रहे हैं तो ध्यान रखें ये नियम, नहीं तो होगी आपके लिए मुश्किल 👉  

 

1 अगर आप हरिद्वार (Haridwar) में लग रहे कुंभ 2021 (Kumbh 2021) मेले में जाने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए  यहा कुछ नियमों की जानकारी बहुत जरूरी है. जिसके बिना आप वहा प्रवेश नहीं कर सकते हैं इस बार कुंभ मेला कुछ अलग तरह से आयोजित होगा. कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए इस बार यहां सोशल डिस्टेंसिंग और हेल्थ प्रोटोकॉल के नियमों का पालन कराया जाएगा यह आदेश सभी के लिए समान रूप से लागू हैं 

 

   2. हेल्थ प्रोटोकॉल Health protocol   उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (Uttarakhand Director General of Police) अशोक कुमार जी के अनुसार  कुंभ से पहले पड़ने वाले चारों स्नानों को कोविड मानकों (Covid standards) का पालन कराने के साथ संपन्न कराया जाएगा. इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि कोरोना का संक्रमण न फैले इस बात की खास जानकारी दी जाएगी और इन सब बातों के लिए जल्द ही एसओपी (SOP) जारी की जाएगी.   

 

3 कोविड निगेटिव रिपोर्ट होगी जरूरी Covid standards have to be followed  मेला नियंत्रण भवन में शुक्रवार को आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि कुंभ मेला 48 दिन का होगा. उन्होंने कहा कि कुंभ 48 नहीं 60 दिन का होगा. कुंभ मेले के लिए 27 या 28 फरवरी तक अधिसूचना जारी हो जाएगी. स्नान की तारीख से पांच दिन पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि स्नान पर्व और कुंभ के शाही स्नानों के लिए अलग-अलग ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि आवागमन सुलभ हो और श्रद्धालू को किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना ना करने पडे l

  

 

4  बनाया गया फेसबुक पेज Facebook page created   उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के प्रचार-प्रसार के लिए फेसबुक पेज बनाया गया है. इस पेज पर कुंभ से जुड़ी सामग्री श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वो समय समय पर उचित जानकरी प्राप्त कर सके और किसी प्रकार की कोई अफवाह या किसी अन्य कारण से रंग में भंग ना मिले

  

 5  रेलवे ने किए कई इंतजाम Railways made many arrangements  आप हरिद्वार कुंभ मेला 2021 (Haridwar Kumbh Mela 2021) में स्नान करने जाना चाहते हैं पर सोच रहे हैं कि कोराना (Corana period) के इस दौर में आप कैसे सुरक्षित सफर करके हरिद्वार पहुंच पाएंगे, तो आपके लिए अच्छी खबर है. भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने कुंभ को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष रेलगाड़ी चलाने का निर्णय लिया है ताकि श्रद्धालू को आवागमन मे किसी प्रकार की समस्या ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा  

 

कुम्भ मेले से जुड़ी जानकरी/Haridwar Kumbh Mela Registration 2021 website official  -

 

 आप हरिद्वार कुम्भ मेले से जुड़ी जानकरी उनकी official वेबसाइट

  https://www.haridwarkumbhmela2021.com

 के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं यहा पर आप registration भी कर सकते हैं   

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